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नेशनल लोक अदालत में दो दंपतियों के वैवाहिक विवाद सुलझे : साथ रहने का लिया संकल्प

Vishal Choyal

54 minutes ago 45 views
साथ रहने का लिया संकल्प

मंडलेश्वर। 13 सितंबर 2026। म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देश पर 12 सितंबर 2026 (शनिवार) को जिला न्यायालय परिसर मंडलेश्वर में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत का शुभारंभ प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मंडलेश्वर श्री अखिलेश जोशी ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया।

इस अवसर पर प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मंडलेश्वर श्री अखिलेश जोशी ने कहा कि लोक अदालत एक उत्तम कोटि की कल्याणकारी योजना है, जिसमें दोनों पक्षों को न्याय उपलब्ध कराया जाता है। इससे आपसी द्वेषभाव समाप्त होकर मधुर संबंधों के साथ दोनों पक्ष खुशी-खुशी अपने घर जाते हैं। उन्होंने नेशनल लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरणों का समाधानपूर्वक निराकरण करने में सभी के सकारात्मक सहयोग की बात कही, जिससे पक्षकारों को शीघ्र, सस्ता एवं सुलभ न्याय मिल सके।

टूटते वैवाहिक दाम्पत्य को पुनर्स्थापित करने का सशक्त माध्यम बनी लोक अदालत

नेशनल लोक अदालत के दौरान कुटुंब न्यायालय द्वारा दो वैवाहिक मामलों में समझौता कराकर दंपतियों को पुनः साथ रहने के लिए राजी किया गया। दोनों मामलों में राजीनामा होने के बाद दंपतियों ने एक-दूसरे को माला पहनाकर पुनः दाम्पत्य जीवन शुरू करने का संकल्प लिया।

पहला मामला: ग्राम टोकसर, तहसील सनावद के युवक और पथराड़ निवासी उसकी पत्नी के बीच वर्ष 2019 में विवाह के बाद से विवाद चल रहा था। वैवाहिक जीवन में दो संतान होने के बावजूद बार-बार होने वाले विवाद के कारण पत्नी को कई बार मायके में आकर रहना पड़ा। लगातार विवाद से परेशान महिला ने जून 2026 में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से कुटुंब न्यायालय मंडलेश्वर में वाद प्रस्तुत किया था।

प्रधान जिला न्यायाधीश श्री अखिलेश जोशी के मार्गदर्शन में कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश श्री पंकज सिंह माहेश्वरी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सुश्री प्रीति जैन द्वारा काउंसलिंग की गई। काउंसलिंग के माध्यम से दोनों पक्षों को साथ रहने के लिए राजी किया गया।

दूसरा मामला: ग्राम कुण्डिया के युवक और ग्राम करोली की युवती के बीच भी वैवाहिक विवाद चल रहा था। दोनों करीब दो वर्षों से अलग रह रहे थे। दंपति की तीन वर्ष की एक बेटी भी है। दोनों का विवाह वर्ष 2019 में हुआ था और वर्ष 2024 से वे अलग-अलग रह रहे थे। वर्ष 2024 से ही मामला कुटुंब न्यायालय में चल रहा था। लोक अदालत में दोनों पक्षों की सहमति से प्रकरण का राजीनामा कराया गया।

दोनों मामलों में समझौता होने के बाद दंपतियों ने एक-दूसरे को माला पहनाई और पुनः साथ रहकर दाम्पत्य जीवन शुरू करने का संकल्प लिया। प्रधान जिला न्यायाधीश श्री अखिलेश जोशी, प्रधान न्यायाधीश श्री पंकज सिंह माहेश्वरी, सचिव सुश्री प्रीति जैन, अभिभाषक संघ अध्यक्ष विजय जोशी एवं अभिभाषक संघ सचिव पुष्पेन्द्र गंगारेकर सहित अन्य उपस्थित अधिकारियों एवं अधिवक्ताओं ने दोनों दंपतियों को पौधे भेंट कर शुभकामनाएं दीं।

अधिकारी, अधिवक्ता एवं पक्षकार रहे उपस्थित

नेशनल लोक अदालत के अवसर पर प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय श्री पंकज सिंह माहेश्वरी, जिला न्यायाधीश श्री सुजीत कुमार सिंह, श्री रवि झारोला, श्री राजकुमार चौहान, श्री दीपक चौधरी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सुश्री प्रीति जैन, न्यायाधीश श्री मोहित बड़के, सुश्री प्रीतिबाला मुणिया, प्रशिक्षु न्यायाधीश सुश्री मुस्कान मंसूरी, जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री चंद्रेश मंडलोई, अध्यक्ष जिला अभिभाषक संघ श्री विजय जोशी, सचिव अभिभाषक संघ श्री पुष्पेन्द्र गंगारेकर सहित कार्यकारिणी पदाधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी श्री शिरीष महाजन, उपप्रशासनिक अधिकारी श्री अब्दुल साजिद शेख, श्री सुनील कुरील, विद्युत विभाग के कार्यपालन यंत्री श्री आमेर कुरैशी, नगर परिषद से श्री संजय कलोसिया, लीगल एड डिफेंस अधिवक्ता श्री रूपेश कुमार शर्मा एवं श्रीमती निशा कौशल, बैंक अधिकारीगण, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, न्यायालयीन कर्मचारी, पैरालीगल वॉलेंटियर्स एवं पक्षकारगण उपस्थित रहे।

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