इंदौर-इच्छापुर हाईवे: बदलते सीमांकन से किसान परेशान : प्रशासन से समाधान की उम्मीद
Vishal Choyal
बलवाड़ा। इंदौर-इच्छापुर राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के दौरान जमीनी स्तर पर विसंगतियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। मुआवजे की असमानता के बाद अब बार-बार हो रहे सीमांकन को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी और राजस्व अधिकारियों के कथित तालमेल के चलते सीमांकन में बार-बार बदलाव किए जा रहे हैं, जिससे उनकी आजीविका पर संकट खड़ा हो रहा है। वहीं, स्थानीय स्तर पर सुनवाई के लिए बना बलवाड़ा तहसील टप्पा कार्यालय बंद पड़ा है। इससे ग्रामीणों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए भी बड़वाह के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
बार-बार बदल रहे निशान, रास्तों को लेकर किसानों की चिंता
प्रभावित किसानों का आरोप है कि अधिग्रहण के लिए पहले तय की गई सीमाओं में बार-बार बदलाव किया जा रहा है। किसानों के अनुसार, बिना किसी ठोस लिखित दस्तावेज या पूर्व सूचना के मौके पर नए खंभे गाड़ दिए जाते हैं।
किसान आत्माराम लक्ष्मण ने बताया कि पहले उनके मकान से करीब 5 मीटर दूर निशान लगाए गए थे। हाल ही में एजेंसी ने घर के ठीक पास नए निशान बना दिए, जिससे मुख्य रास्ता अवरुद्ध होने की स्थिति बन गई है। मौके पर आए राजस्व कर्मियों ने समाधान निकालने के बजाय समझाइश देकर लौट गए।
कृषक सालगराम मानसिंह के अनुसार, अधिकारियों के कहने पर लिखित आवेदन देने के बावजूद उन्हें केवल आश्वासन मिला, लेकिन समस्या का निराकरण नहीं हुआ।
किसान हरीश महेश, मंजू जगदीश और पार्वती विष्णु ने बताया कि खेतों में आने-जाने के रास्ते निजी जमीनों पर दर्ज किए जा रहे हैं। इससे भविष्य में किसानों के बीच आपसी विवाद और टकराव की स्थिति बन सकती है।
टप्पा कार्यालय बंद, किसानों को बड़वाह के चक्कर
क्षेत्र के दर्जनों गांवों की सुविधा के लिए बलवाड़ा में तहसील टप्पा कार्यालय शुरू किया गया था, लेकिन प्रशासनिक उपेक्षा, नियमित स्टाफ के अभाव और अधिकारियों की गैर-मौजूदगी के चलते यहां ताले लटके रहते हैं। इस कारण किसानों को सीमांकन और हाईवे से जुड़ी आपत्तियों के लिए करीब 20 किलोमीटर दूर बड़वाह जाना पड़ता है।
“इस संबंध में वर्तमान तहसीलदार राकेश बर्डे ने बताया कि वे मामले की जानकारी लेंगे और यदि बलवाड़ा अधिकृत टप्पा है, तो वे सप्ताह में दो-तीन दिन वहीं बैठकर जनसुनवाई करेंगे।”
संयुक्त सीमांकन की मांग, समाधान नहीं तो आंदोलन की चेतावनी
किसानों का आरोप है कि एलाइनमेंट में लगातार हो रहे बदलावों के पीछे तकनीकी कारणों के साथ अन्य वजहें भी हो सकती हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि किसानों की मौजूदगी में संयुक्त सीमांकन दल भेजकर अंतिम रेखांकन तय किया जाए और बलवाड़ा तहसील टप्पा कार्यालय को तत्काल सुचारू किया जाए।
अब किसानों की नजर प्रशासन की पहल पर है। समाधान नहीं हुआ तो किसान आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं।
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