लाडली बहना योजना को लेकर हाईकोर्ट पहुंचा मामला : सरकार से 4 हफ्ते में जवाब मांगा
Vishal Choyal
ग्वालियर/मध्यप्रदेश। 18 सितंबर 2026। मध्यप्रदेश की चर्चित मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना को लेकर मामला हाईकोर्ट में पहुंच गया है।
ग्वालियर निवासी सुधा दुबे की ओर से दाखिल याचिका में संबंधित योजना में खर्च होने वाली राशि, लाभार्थियों की संख्या और सरकारी खजाने पर पड़ रहे वित्तीय भार को लेकर जनहित याचिका दायर की गई है।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने इस संबंध में राज्य सरकार को नोटिस जारी कर 4 हफ्ते में जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता की ओर से यह पक्ष अधिवक्ता अनिल कुमार मिश्रा ने रखा है।
रोजगार और उद्योग-धंधे बढ़ाने की बात
वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल कुमार मिश्रा का कहना है कि योजना के नाम पर खर्च हो रहे सरकारी पैसे का इस्तेमाल महिलाओं को रोजगार एवं उद्योग-धंधे पैदा करने में किया जा सकता था, जिससे इसका फायदा महिलाओं को लंबे समय तक मिल सकता था।
अनिल मिश्रा ने सवाल उठाया कि अगर सीधे राशि देने के बजाय सरकार रोजगार उपलब्ध करवाए तो ज्यादा अच्छा हो सकता था।
योजना के खर्च और वित्तीय भार पर सवाल
अधिवक्ता मिश्रा ने लाडली बहना योजना के खर्च को सरकारी खजाने पर पड़ रहे वित्तीय बोझ से जोड़कर देखा और दावा किया कि हर महीने लगभग 1900 करोड़ रुपए संबंधित योजना में खर्च हो रहे हैं।
उन्होंने यह भी दावा किया कि मध्यप्रदेश पर करीब 3.08 लाख करोड़ रुपए कर्ज होने के बाद भी योजना में खर्च होने वाले पैसे को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
हालांकि, यह आंकड़ा और संबंधित योजना से जुड़े वित्तीय प्रभाव याचिकाकर्ता द्वारा रखी गई दलीलों का हिस्सा हैं।
योजना शुरू होने के समय को लेकर भी सवाल
याचिकाकर्ता की ओर से योजना के चालू होने से जुड़े सवाल भी उठाए गए हैं। अधिवक्ता अनिल मिश्रा ने कहा कि इस योजना को मार्च 2023 में प्रारंभ किया गया था। उस समय चुनाव की स्थिति थी।
उन्होंने योजना को चुनाव में गिफ्ट बांटने जैसी स्थिति बताते हुए इस पर सवाल उठाए हैं। यह दलील याचिकाकर्ता की ओर से रखी गई है। सरकार का पक्ष इस मामले में आना बाकी है।
सरकार से 4 हफ्ते में जवाब मांगा
इस मामले में सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सरकार से जानकारी मांगी है कि योजना में लाभार्थियों की संख्या कितनी है, कितनी राशि का भुगतान किया जा रहा है एवं योजना से जुड़े आंकड़ों के रिकॉर्ड प्रस्तुत किए जाएं।
राज्य सरकार को 4 सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करना है। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किए हैं, ताकि सरकार इन सवालों का जवाब दे सके।
इस मामले में आगे की प्रक्रिया सरकार द्वारा दिए जाने वाले जवाब और प्रेषित किए जाने वाले रिकॉर्ड के आधार पर आगे बढ़ेगी।
क्या लाडली बहना योजना बंद होगी?
हाईकोर्ट के इस आदेश को लेकर सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों में योजना के बंद होने की चर्चा हो सकती है। लेकिन हाईकोर्ट द्वारा फिलहाल ऐसा कोई आदेश पारित नहीं किया गया है और न ही योजना बंद करने के निर्देश दिए गए हैं।
न ही लाभार्थियों को देय राशि रोकने की बात कही गई है।
फिलहाल यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। राज्य सरकार को योजना से जुड़े रिकॉर्ड एवं आंकड़े हाईकोर्ट में प्रस्तुत करने होंगे। इसके बाद मामले की आगामी सुनवाई होगी।
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