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गवालू में 31 वर्षों से चली आ रही कुश्ती दंगल की परंपरा : जन्माष्टमी पर उमड़ा कुश्ती प्रेमियों का सैलाब

Vishal Choyal

1 day ago 169 views
जन्माष्टमी पर उमड़ा कुश्ती प्रेमियों का सैलाब

बलवाड़ा, निप्र। भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी के पावन पर्व पर महू विधानसभा क्षेत्र की अंतिम ग्राम पंचायत गवालू में स्वर्गीय रामकिशन पंवार की स्मृति में विशाल कुश्ती दंगल का आयोजन किया गया। पिछले 31 वर्षों से अधिक समय से चली आ रही इस परंपरा में इस वर्ष भी बड़ी संख्या में कुश्ती प्रेमी और पहलवान शामिल हुए। रिमझिम बारिश के बावजूद दर्शकों और पहलवानों का उत्साह कम नहीं हुआ। दोपहर 1 बजे शुरू हुआ दंगल देर शाम तक चलता रहा।

ग्राम गवालू में आयोजित इस विशाल कुश्ती दंगल में मध्य प्रदेश के साथ-साथ हरियाणा, राजस्थान और अन्य प्रदेशों के नामी-गिरामी पहलवानों ने हिस्सा लिया। इंदौर महापौर केसरी, राष्ट्रीय रजत पदक विजेता पहलवानों के साथ चोरल, कनाड़, राऊ, महू सहित आसपास के क्षेत्रों के पहलवानों ने लाल मिट्टी के अखाड़े में अपने कुश्ती कौशल का प्रदर्शन किया।

आयोजक गजेंद्र पंवार ने बताया कि उनके पिता स्वर्गीय रामकिशन पंवार द्वारा शुरू की गई कुश्ती दंगल की परंपरा को परिवार द्वारा लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है। गजेंद्र पंवार और अशोक पंवार पिछले कई वर्षों से इस आयोजन को निरंतर आयोजित करवा रहे हैं।

महिला पहलवानों ने भी दिखाया दमखम

दंगल में महिला पहलवानों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने दमखम एवं कुश्ती कौशल का प्रदर्शन किया। महिला कुश्ती मुकाबले दर्शकों के आकर्षण का विशेष केंद्र रहे।

पहलवानों का उत्साहवर्धन करने के लिए द्वारका प्रसाद शर्मा (गुरुजी), राजेश जैन, जसराज मेहता, नरेंद्र यादव (पूर्व सरपंच, बलवाड़ा), रामचंद्र यादव (चोरल), गेंदालाल यादव, ताराचंद डालासे, रघुनाथ राठौर, पूनमचंद्र राठौर सहित अन्य अतिथि उपस्थित रहे।

कुश्ती प्रतियोगिता में संजय यादव (चोरल), राजकुमार पहलवान और जीतू कौशल (महू) ने निर्णायक की भूमिका निभाई। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को आयोजक गजेंद्र पंवार, अशोक पंवार, हर्ष पंवार, कृष्णा, हरि, कार्तिक, ओम, अक्षय एवं दीपक पंवार द्वारा नगद पुरस्कार एवं ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया।

आयोजन के दौरान लाल मिट्टी के अखाड़े में पहलवानों के बीच हुए रोमांचक मुकाबलों का दर्शकों ने जमकर आनंद लिया। जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित इस दंगल ने क्षेत्र की पारंपरिक कुश्ती संस्कृति और खेल भावना को जीवंत बनाए रखा।

गवालू में जन्माष्टमी कुश्ती दंगल के दौरान मुकाबला करते दो पहलवान

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